HomeRegionalयूपी सरकार के मंत्री राकेश सचान की बढ़ी मुश्किल, इस मामले में..

यूपी सरकार के मंत्री राकेश सचान की बढ़ी मुश्किल, इस मामले में..

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कानपुर, अमृत विचार। लघु उद्योग मंत्री राकेश सचान को कुर्मी समाज का बड़ा नेता माना जाता है। कभी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे राकेश सचान को भाजपा पिछड़ी जाति के बड़े नेता के रूप में प्रस्तुत कर रही थी। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए राकेश को कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट से टिकट मिला और वे जीते तो उन्हें कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया और लघु उद्योग जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया। अब अगर आर्म्स एक्ट के इस मामले में उन्हें यदि सजा होती है तो फिर उनकी विधानसभा सदस्यता तो खत्म होगी ही उनकी राजनीति पर भी बट्टा लग जाएगा।

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जनता दल से राजनीति की शुरुआत करने वाले राकेश सचान पहली बार घाटमपुर से 1993 में विधायक बने थे। 2002 में वे समाजवादी पार्टी से इसी सीट से जीते। इसके बाद उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में फतेहपुर लोकसभा सीट पर टिकट की दावेदारी पेश की तो पार्टी ने उन पर विश्वास कर टिकट भी दिया और वे जीते भी, लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी की लहर पर सवार निरंजन ज्योति ने उन्हें हरा दिया।

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सपा मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी नहीं बनी। ऐसे में उन्होंने सपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया, लेकिन उन्होंने 2022 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए। 2017 में भाजपा भोगनीपुर सीट जीती थी, लेकिन पार्टी ने अपने विधायक का टिकट काटकर राकेश को दे दिया। वे वहां से जीते मंत्री पद भी मिला।

अब माना जा रहा है कि राकेश सचान को आर्म्स एक्ट के इस मामले में सजा हो सकती है। अगर सजा होती है तो फिर उनकी सदस्यता भी रद हो जाएगी। ऐसे में उनकी पत्नी सीमा सचान टिकट की दावेदारी कर सकती हैं। सीमा कानपुर नगर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रही हैं।

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