यूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर रूसी मिसाइल हमला, UNSC ने बुलाई आपात बैठक

क्रेमेनचुक। यूक्रेन के क्रेमेनचुक स्थित भीड़भाड़ वाले शॉपिंग मॉल पर रूस के मिसाइल हमले के बाद बचाव दल मंगलवार को मलबे में लोगों को तलाश करता दिखा। इस हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए। यूक्रेन के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले पर चर्चा के लिए मंगलवार को न्यूयॉर्क में एक आपात बैठक बुलाई है।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस हमले को यूरोपीय इतिहास के सबसे दुस्सासहपूर्ण हमलों में से एक बताया। राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि क्रेमेनचुक शहर में मॉल में दोपहर के वक्त 1,000 से अधिक खरीदार और कर्मचारी थे, लेकिन इसमें से अधिकतर भागने में सफल रहे। हालांकि, हमले के बाद मलबे से काले धुएं और धूल के गुबार के साथ नारंगी रंग की आग की लपटें उठीं। आग को बुझा दिया गया है, लेकिन इसके घंटों बाद भी मलबे से काले धुएं का उठना अब भी जारी है।

बचावकर्मियों द्वारा सुलगते मलबे में छानबीन शुरू करने के बाद हताहतों की संख्या बढ़ गई। क्षेत्रीय गवर्नर दिमित्रो लुनिन ने कहा कि कम से कम 18 लोग मारे गए और 59 लोगों ने चिकित्सीय सहायता मांगी। सहायता मांगने वालों में से 25 को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले के पीड़ितों के लिए इस क्षेत्र में मंगलवार को शोक दिवस घोषित किया गया। आपातकालीन सेवाओं के एक अधिकारी वोलोदिमिर हिचकन ने कहा, ‘‘हम इमारत के अवशेष को तोड़ने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि वहां मशीनरी को पहुंचाया जा सके, क्योंकि उन्हें हाथ से अलग करना असंभव है।’’ इस हमले के बाद रूस के संयुक्त राष्ट्र में स्थायीय प्रतिनिधि दिमित्री पॉलींस्की ने ट्विटर पर दावा किया कि यह घटना यूक्रेन के उकसावे का परिणाम है।

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रूस ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने से लगातार इनकार किया है, इसके बावजूद रूसी हमलों में शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल, अस्पताल और इमारतों को निशाना बनाया गया है। रूसी सेना ने मंगलवार को ओखाकीव के काला सागर शहर में ताजा हमला किया जिससे एक इमारत का अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि छह वर्षीय बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। इस हमले में छह लोग घायल हुए जिसमें चार बच्चे शामिल हैं। घायल बच्चों में से एक बच्चा अचेत अवस्था (कोमा) में है। इस बीच अमेरिका वायु रक्षा प्रणाली की जेलेंस्की की मांग के जवाब में तैयारी करता दिखाई दिया। नाटो ने अपने तीव्र-प्रतिक्रिया बलों के आकार को लगभग आठ गुना यानी 3,00,000 सैनिक तक बढ़ाने की योजना बनाई है।

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