Tuesday, June 28, 2022
HomeBusinessमुनाफे की दृष्टि से मोती की खेती एक अच्छा ‎विकल्प

मुनाफे की दृष्टि से मोती की खेती एक अच्छा ‎विकल्प





नई दिल्ली । मोती एक प्राकृतिक रत्न है, जो सीप से पैदा होता है। बाहरी कणों के सीप के अंदर प्रवेश करने से मोती का निर्माण होता है। लाभ की दृष्टि से यह कारोबार आपके लिए काफी अच्छा विकल्प हैबता दें कि इसकी खेती तालाब में होती है। आप तालाब खुद खुदवा सकते हैं या किसी से किराये पर ले सकते हैं।

अगर आप किराये पर तालाब लेते हैं, तो 50-60 हजार रुपए में यह कारोबार शुरू कर सकते हैं। मोती की मांग घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हमेशा बनी रहती है । इस कारोबार में मुनाफे को देखकर कई लोग आज इसकी कृत्रिम खेती करने लगे हैं। अगर आप वैज्ञानिक तरीके से और ट्रेनिंग लेकर मोती की खेती करते हैं, तो अच्छी गुणवत्ता वाली मोती पा सकते हैं। कई संस्थान इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल समय अक्टूबर से दिसंबर तक माना जाता है।

कृत्रिम मोती को आप अपनी इच्छा के अनुसार आकार, रंग-रूप दे सकते हैं। आप सरकारी संस्थानों या फिर मछुआरों से सीप खरीदकर खेती शुरू कर सकते हैं। आपको सबसे पहले सीपों को खुले पानी में 2 दिन के लिए रखना होता है। इसके बाद में धूप और हवा लगने के बाद सीप का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। मांशपेशियां ढीली होने के बाद सीप की सर्जरी कर सीप के अंदर सांचा डाला जाता है। जब यह सांचा सीप को चुभता है, तो वह इस पर अपने अंदर से निकलने वाला एक पदार्थ छोड़ता है। यही सांचा मोती का रूप ले लेता है। आप 12-14 महीने में तालाब से मोती प्राप्त कर सकते हैं।

बता दें कि मोती की कीमत उसकी गुणवत्ता के हिसाब से तय होती है। बाजार में एक मोती को 120 रुपए से लेकर 200 रुपए तक बेच सकते हैं। एक एकड़ के तालाब में आप कम से कम 25000 सीपियां डाल सकते हैं। इस पर करीब 8 लाख रुपए का खर्च आता है। अगर हर एक सीप से दो मोतियां निकलती हैं, तो भी आप खर्च निकालकर लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं। डिजायनर मोती के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10,000 रुपए तक मिल सकते हैं।







Previous articleब्याज दरों में बढ़ोतरी का यही सही समय: आरबीआई
Next articleरूसी सशस्त्र बल बनेंगे और आधुनिक, साल के अंत तक तैनात कर दी जाएंगी महाविनाशक सरमत मिसाइल : पुतिन


RELATED ARTICLES
- Advertisment -