मध्याह्न भोजन के पैसों का बड़ा घोटाला





जिले के पुसौर विकासखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। विकासखंड के पंजी की जांच किये जाने पर 25 लाख का घोटाला सामने आया है। बताया जाता है कि उक्त पैसे का आहरण तो कर लिया गया था लेकिन न तो उस पैसे का कोई हिसाब था न ही बिल।

प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी विकासखंडों में मुख्य रोकड़ पंजी की जांच और सत्यापन का कार्य चल रहा है, इसके लिए बाकायदा एक टीम का भी गठन किया गया है। इसी तारतम्य में पुसौर विकास खंड में भी मुख्य रोकड़ पंजी की जांच की जा रही थी जहां संदेह होने पर जांच टीम ने सूक्ष्मता से जब ध्यान देना शुरू किया तो पता चला कि बिना काम हुए पैसा तो निकल लिया गया लेकिन उसके विरुद्ध न तो कोई बिल है न ही कोई वाउचर दिखाया गया है।

जांच टीम ने वहां के सहायक ग्रेड-3 के लिपिक मनोज कुमार संजय, जो कैशबुक का काम देखता है उससे पूछताछ की लेकिन जांच टीम को संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इज़के बाद जांच रिपोर्ट मिलने पर जिला शिक्षाधिकारी ने लिपिक को निलंबित कर दिया एवम वहां के तत्कालीन एवम वर्तमान विकासखंड शिक्षाधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी किया है।







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