बाल रोग चिकित्सालय में बढ़े रोगी, आनन फानन बढ़ाए गए बेड

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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज संबद्ध बाल रोग चिकित्सालय के बेड फुल हो गए हैं। यहां वायरल, निमोनिया, मलेरिया, डायरिया, फेफड़े में संक्रमण की समस्या पर काफी संख्या में बच्चे भर्ती हो गए हैं। आलम यह है कि एक बेड पर दो-दो बच्चों को रखना पड़ रहा है। बीमार बच्चों की संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने न्यू मैटरनिटी विंग की दूसरी मंजिल के 75 बेड ले लिए हैं।

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इनमें से कुछ को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) में परिवर्तित किया जा सकेगा। यहां पर नए 14 वेंटीलेटर लगा दिए गए हैं। अब विभाग के पास 34 वेंटीलेटर हो गए हैं। बाल रोग चिकित्सालय में स्थित न्यू बोर्न इंटेंसिव केअर यूनिट (एनआईसीयू) पहले से ही भरा चल रहा है। यह 25 बेड का है, जिसमें दो से तीन गुना अधिक बच्चे भर्ती रहते हैं।

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22 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केअर यूनिट है (पीआईसीयू) का भी यही हाल है। बाल रोग अस्पताल में कानपुर समेत आसपास के जिलों के बीमार बच्चे भर्ती होते हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया की बच्चों के बेड बढ़ा दिए गए हैं। यहां फीवर क्लीनिक, पीडियाट्रिक ओपीडी के गंभीर रोगियों को रखा जाएगा।

मंकी पॉक्स के लिए भी तैयारी

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मंकी पॉक्स के खतरे को देखते हुए भी कुछ बेड बच्चों के लिए सुरक्षित किये हैं। यह अन्य कमरे में बनाया जा रहा है। इसे पूरी तरह से आइसोलेट किया जाएगा, जहां केवल डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ ही जा सकेंगे।

100 बेड के आईसीयू का प्रस्ताव

मेडिसिन के वार्ड नंबर 14, 15, 16 को बदल कर 100 बेड का आईसीयू बनाने की तैयारी है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

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