प्रतियोगिताओं से स्कूली बच्चों को कोरोना टीकाकरण के लिए किया..

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गोरखपुर, अमृत विचार । स्वास्थ्य विभाग 12 से 14 आयु वर्ग के स्कूली बच्चों को प्रेरित कर और उनके अभिभावकों की सहमति से कोविड टीकाकरण करवाने में जुटा है । इस कार्य में शहर के भीतर व पाली ब्लॉक में स्वयंसेवी संस्था यूनिसेफ-एलाइंस फॉर इम्यूनाइजेशन एंड हेल्थ ड्रिस्ट्रिक्ट (एआई एच) भी मदद कर रही हैं। संस्था की क्लस्टर सखी द्वारा स्कूल में कोविड अनुरूप व्यवहार के संबंध में पोस्टर और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया जाता है। इन आयोजनों के जरिये ही कोविड टीकाकरण के महत्व पर भी चर्चा होती है और फिर स्कूल से बच्चों की सूची लेकर स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है । विभाग की टीम नियत तिथि पर कैंप लगाकर बच्चों का टीकाकरण करती है ।

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महानगर के एनटी चिल्ड्रेन एकेडमी की कक्षा सातवीं की छात्रा जोया खातून (14) का कहना है कि परिवार के लोगों ने टीका लगवाया था लेकिन उन्हें टीके से डर लगता था। स्कूल में क्लस्टर सखी आरती आई थीं। स्कूल में यह बताया गया कि कोविड का टीका न केवल बीमारी से बचाता है, बल्कि उसके खतरनाक प्रभावों से भी बचाता है। यह भी बताया गया कि टीके को लगवाने में कोई खास दर्द या दिक्कत नहीं होती है। थोड़ी देर के लिए कुछ लोगों को बुखार हो सकता है लेकिन वह भी ठीक हो जाता है ।

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वह बताती हैं – टीका लगवाने के दौरान उन्हें कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई। स्कूल के प्रधानाचार्य ने उनके पापा को बताया था कि जोया को टीका लगेगा। पापा ने भी टीका लगवाने से मना नहीं किया । टीका लगने के बाद जोया को बुखार आया था लेकिन एक दिन में ही ठीक हो गया । वह कहती हैं कि टीका लगने के बाद भी वह मास्क और हाथों की स्वच्छता के नियमों का पालन कर रही हैं ।

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