पर्दाफाश का खाका तैयार, पुलिस अभी भी कर रही है साक्ष्यों की तलाश

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मुरादाबाद, अमृत विचार। सनसनीखेज निपेंद्र सिंह हत्याकांड के पर्दाफाश का खाका तैयार है। कत्ल के तीन आरोपियों को दबोचने के बाद भी पुलिस साक्ष्य की तलाश में जुटी है। सात दिन बाद भी पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। हत्थे चढ़े तीन आरोपियों से पूछताछ जारी है। दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है।

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निपेंद्र सिंह की पत्नी गीता ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि दो वर्ष से वह पति व दो बच्चों के साथ मायके में रह रही है। इससे पहले करीब 11 साल तक वह ससुराल में रही। वह चार बहनें हैं, कोई भाई नहीं है। इसलिए मां के कहने पर वह मायके आ गई। मां ने उसके लिए नया घर बनवाया है। गीता व छोटी बहन रीता के साथ ही मां कमलेश देवी भी रहती है। गीता ने पुलिस को बताया कि नशे का आदी निपेंद्र अक्सर गाली-गलौज व मारपीट करता था। पांच को पति ने पीटा तो सब्र का बांध टूट गया और पति की हत्या करने की साजिश रच डाली।

बचपन के प्यार ने की मदद
निपेंद्र की हत्या करने में गीता ने बचपन के प्यार नीरज की मदद ली। गीता और नीरज एक साथ स्कूल में पढ़ते थे। तभी उनके बीच प्यार परवान चढ़ा। नीरज दूसरी बिरादरी का है। ऐसे में दोनों की शादी संभव नहीं थी। 12 वर्ष पहले गीता का विवाह धामपुर निवासी निपेंद्र सिंह से हो गया। विवाह के बाद भी गीता व निपेंद्र एक दूसरे से जुड़े रहे। प्यार का रिश्ता दोबारा तब परवान चढ़ा, जब दो साल पहले गीता मायके आ गई। गीता व नीरज के बीच नाजायज संबंध होने की आशंका निपेंद्र को हो गई थी। इसी वजह से निपेंद्र पत्नी संग दुर्व्यवहार करता था। पांच मई को दोपहर बाद निपेंद्र ने गीता को पीटा तो वह आग बबूला हो गई। गीता ने प्रेमी नीरज को आपबीती बताते हुए पति की हत्या करने को कहा। गीता की जिद के आगे नीरज विवश हो गया। फिर नीरज ने तीन अन्य साथियों संग मिलकर निपेंद्र को मौत के घाट उतार दिया।

गीता व नीरज के मोबाइल और निपेंद्र का शव की तलाश जारी
सर्विलांस टीम ने गीता व नीरज के बीच बातचीत का रिकार्ड तो तैयार कर लिया है, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन हाथ नहीं लगे हैं। पूछताछ में गीता व निपेंद्र ने मोबाइल फोन फेंक देने की स्वीकारोक्ति की है। अभी नीरज का शव भी नहीं मिल सका है। पुलिस टीमें अभी भी उत्तराखंड में शव की तलाश कर रही हैं। इधर महलकपुर माफी व गर्जिया देवी मंदिर के आसपास भी मोबाइल फोन की खोज भी हो रही है। हत्या में शामिल दो लोग अभी कानून की पकड़ से दूर हैं।

ऐसे की गई निपेंद्र सिंह की हत्या
गीता से हरी झंडी मिलने के बाद नीरज ने निपेंद्र को मारने में तीन अन्य लोगों की मदद ली। नीरज अपनी स्कार्पियो लेकर गीता के घर पहुंचा। वहां निपेंद्र को शराब पिलाई। इसके बाद नीरज उसे गांव से बाहर ले गया। रास्ते में तीनों आरोपी भी मिल गए। इसके बाद आरोपी निपेंद्र को गर्जिया देवी मंदिर के पास ले गए और चारों ने गला घोंट कर हत्या कर दी।

हत्या के बाद गीता को दी सूचना
निपेंद्र को ठिकाने लगाने के बाद नीरज ने रात 12 बजे गीता को फोन करके सूचना दी। निपेंद्र की हत्या की सूचना गीता को देना नीरज के लिए इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि उत्तराखंड की ओर बढ़ते समय नीरज से गीता ने कई बार फोन पर बात की थी। हर बार गीता ने नीरज से कहा कि काम तमाम करके ही लौटना।

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