परंपरागत रवायतों के साथ संपन्न हुआ शहाबुद्दीन औलिया का उर्स

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बाराबंकी। कस्बा बड़ागांव में हजरत काजी शहाबुद्दीन औलिया परकाले आतिशी का कुल शरीफ गुरुवार की भोर पौने चार बजे परम्परागत शान शौकत के साथ सम्पन हुआ। अकीदतमंदों द्वारा दममदार बेड़ा पार के नारे से कस्बा गूंज गया।

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मजार शरीफ पर चल रहे सालाना उर्स में पहुँचे पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने कहा कि ऐसे आयोजनों से भाईचारा को बढ़ावा मिलता है। और लोगो की सूफी संतों के प्रति अक़ीदत बढ़ती है उन्होंने कहा कि आने वाला दौर मुश्किलों भरा है। इससे निपटने के लिए समाज में व्याप्त वैमनस्यता व कटुता मिटाने के लिए आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाना बेहद जरूरी है।

उस के आयोजन में हिन्दू-मुस्लिमों की भागेदारी से शांति के प्रतीक के रूप में विख्यात हजरत काजी शहाबुद्दीन औलिया की धरती से पूरे देश में शांति का पैगाम जाता है। पूर्वमंत्री ने चादरपोशी कर मुल्क की सलामती एव खुशहाली की दुआएँ मांगी।

पूर्व विधायक राम गोपाल रावत ने कहा कि बड़ागांव में स्थित मजार शरीफ आस्था का अनूठा संगम है। मजार पर आयोजित मेले में सभी संप्रदाय के लोग अपने मनोकामना की पूर्ति के लिए बिना किसी भेदभाव के आते हैं।

चादरपोशी के दौरान, कोआपरेटिव बैंक के निवर्तमान चैयरमैन धीरेंद्र वर्मा, हसमत अली गुड्डु, प्रधान प्रतिनिधि नाजनीन किदवई, नूर मोहम्मद, सपा नेता अशोक यादव, राममूर्ति यादव, जाबिर सलमानी, नूरुल आमीन अंसारी, अकबर शाह, कल्लू कुरैशी, बीडीसी पप्पू गौतम, जम्मू खां, इशरत शाह,सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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