दैनिक उपभोग की वस्तुएं हुईं महंगी, जेब भारी कर जाएं बाजार

Advertisement

बरेली, अमृत विचार। आम आदमी की थाली पूरी तरह महंगाई की गिरफ्त में आ गई है। घी, तेल, आटा, दाल, चावल के साथ दैनिक उपभोग में शामिल दूध और ब्रेड समेत अन्य सामग्री भी पहले से महंगी हो गई हैं। पिछले माह जिस भाव में बाजार से सामान लेकर घर आए, अब उस भाव में कोई भी खाद्य पदार्थ बाजार में नहीं मिल रहा है। सावन के चलते कई सामान की आवक बाजार में नहीं हो रही है। इससे भी दामों में उछाल आया है। इसके साथ महंगाई में जीएसटी ने अपना अहम रोल अदा किया है।

Advertisement

पैकेट बंद दूध हो या रिफायंड, ब्रेड हो या छाछ सभी के दामों में दो से लेकर पांच रुपये की वृद्धि हो चुकी है। हर घर की पसंदीदा अरहर की दाल में 10 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। 95 रुपये किग्रा में मिलने वाली दाल अब 105 में हो गई है। बाजार में दाल की कमी भी बन गई है। काबुली चना पांच रुपये किलो महंगा हो गया। महंगाई का सबसे ज्यादा असर रोटी पर पड़ा है। गेहूं का थोक दाम 25 रुपये किलो है।

Advertisement

ऐसे में आटा 30 रुपये किलो में बिक रहा है। इसका असर यह हुआ कि होटल, रेस्त्रां में मिलने वाली रोटी भी सात से बढ़कर आठ रुपये में हो गई है। सड़क किनारे चलने वाले गरीबों के होटलों पर महंगाई का असर रोटी का वजन कम कर दिया गया है। बड़े होटलों में दाम बढ़ाकर वजन में छेड़छाड़ नहीं की गई है।

दालों की स्थिति
उड़द की दाल 90 से 96-97 रुपये
मसूर, चना, व अन्य दालों में दो रुपये की वृद्धि
बासमती चावल 80-90 रुपये से 100 रुपये हो गया है
शरबती चावल 50 रुपये से 55-60 रुपये हो गया
दालों के यह दाम फुटकर हैं। पैक्ड दाल व चावल लाने में इस रेट में 5 फीसदी जीएसटी का इजाफा होगा।

जीएसटी के बाद के दाम:-

हले                         अब

450 ग्राम दूध का पैकेट फुलक्रीम              28                              30

450 ग्राम दूध का पैकट डीटीएम              20                          22

300 ग्राम का छाछ पैक                           12                         14

180 ग्राम का दही पैक                                22                            25

5 किलो दही का डिब्बा                              225                          250

नोट : दाम रुपयों में

सरसों व रिफाइंड
व्यापारी सुधीर अग्रवाल बताते हैं कि तेल के दामों में पांच से आठ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें जीएसटी का कोई रोल नहीं है, क्योंकि पांच फीसदी वैट पहले भी लगता था अब उतना ही जीएसटी लग रहा है, लेकिन माल ही कम आने से दाम बढ़े हैं।

फारच्यून रिफाइंड बाजार में 141 से 146 रुपये किलो, मोहल्लों की दुकानों पर 170 से लेकर 180 रुपये, फारच्यून सरसों का तेल – 166 से 172 किग्रा हो गया और सरसों का तेल रवीन्द्रा ब्रांड- 157 से 165 रुपये किग्रा हो गया

ब्रेड का वजन कम किया
बाजार में मैदा का रेट बढ़ने का असर सुबह नाश्ते में खाई जाने वाली ब्रेड पर पड़ा है। मैदा प्रति किलो 24 से 31 रुपये पर पहुंच गई है। बाजार में ब्रेड के कई ब्रांड हैं, लेकिन रुपये कुछ ब्रेडों की कंपनियों ने ही बढ़ाए हैं। कंपनियों ने दाम उतना रखकर वजन घटा लिया है। मार्डन ब्रेड कंपनी के निर्माता मयूर धीरवानी बताते हैं कि ब्रेड के रेट बढ़ना तो तय है, लेकिन यह आगे पीछे हो सकते हैं। सावन की वजह से भी अभी दाम नहीं बढ़े हैं।

– 100 से 130 ग्राम वाली ब्रेड 10 रुपये में थी, अब वजन 100 ग्राम किया
– 250 ग्राम वाली ब्रेड 20 में थी, अब वजन 200 ग्राम किया
– 450 ग्राम वाली ब्रेड 35 में थी, अब यह 40 रुपये हो गई

यह भी पढ़ें- बरेली: ऑटो में युवक की कटी जेब, पीछा करने पर आरोपी बैग छोड़कर भागा

Advertisement