दुष्कर्म के मामले में फंसे बसपा सांसद अतुल राय बरी

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बलिया। जिले घोसी लोकसभा से बसपा सांसद अतुल राय तीन साल पुराने दुष्कर्म के मामले में बरी हो गए हैं। बता दें कि वाराणसी की एपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सियाराम चौरसिया की अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया है।

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बता दें कि सांसद अतुल राय के वकील अनुज यादव के मुताबिक, कोर्ट को पीड़िता की तरफ से पेश किए साक्ष्य और तथ्य अविश्वसनीय लगे। जिस पर साक्ष्य को फॉरेंसिक जांच में भेजा गया। रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई की सांसद को फंसाने की साजिश रची गई थी। इस पर कोर्ट ने सांसद को बरी कर दिया है।

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गौरतलब है कि 01 मई 2019 को बलिया जनपद की पीड़िता ने वाराणसी के लंका कोतवाली में सांसद अतुल राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बता दें कि पीड़िता वाराणसी के यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा थी। पिछले साल दुष्कर्म पीड़िता और उसके गवाह ने सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर जान दे दी थी।

इस पर बसपा सांसद के वकील का कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता और गवाह की आत्महत्या के बाद एक एफआई लखनऊ में दर्ज कराई गई थी। जिसमें उन्हें आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोपी बनाया गया है। हालांकि उस मुकदमे में भी सांसद की बेल के लिए प्रयास किया जाएगा।

बता दें कि तहरीर के आधार पर दुष्कर्म पीड़िता ने लिखा था कि पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात बसपा सांसद से हुई थी। साल 2018 में बसपा सांसद दुष्कर्म पीड़िता को अपनी पत्नी से मिलवाने की बात कहकर चितईपुर के एक फ्लैट में ले गया था। उस वक्त फ्लैट में कोई नहीं थी।

इसके बाद बसपा सांसद ने दुष्कर्म किया और अश्लील तस्वीरें खींचने के साथ एक वीडिया क्लिप तैयार की थी। आरोप था कि दुष्कर्म के बाद भी बसपा सांसद पीड़ित को ब्लैकमेल कर जबरन दुष्कर्म करता था।

विरोध करने पर बसपा सांसद पीड़िता व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बसपा सांसद अतुल राय ने वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

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