दीपक सुसाइड केस में आया नया मोड़, पुलिस ने किया यह चौंकाने…

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हरदोई। प्रेमी ने प्रेमिका के दरवाजे पर खुद को गोली से नहीं उड़ाया था, बल्कि उसकी गोली मार कर हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रेमी दीपक की पीठ में दो फिट की दूरी से गोली मारी गई। बात साफ है कि प्रेमिका के घर वालों ने हत्या को अंजाम दिया। इस खुलासे के बाद हरकत में आई पुलिस ने प्रेमिका, उसके मां-बाप और चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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बताते चलें कि अरवल थाने के खंदेरिया गांव में शनिवार (30 जुलाई) की दोपहर मल्लावां कोतवाली के बाबटमऊ गांव निवासी 22 वर्षीय दीपक गुजरात में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। अरवल थाने के खंदेरिया गांव की रहने वाली एक युवती से उसका प्रेम-प्रसंग था। बताया गया है कि एक जुलाई को दीपक और उसकी प्रेमिका दोनों चले गए थे। प्रेमी और प्रेमिका दोनों आपस में रिश्तेदार थे,इस वजह से दीपक को शादी का झांसा दिया गया।

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जिस पर दोनों 13 जुलाई को वापस लौट आए। लेकिन इसी बीच प्रेमिका के घर वाले शादी से इंकार करते हुए उसे साथ लेकर चले गए। इधर प्रेमिका से मिलने के लिए बेचैन दीपक शनिवार (30 जुलाई) को खंदेरिया पहुंच गया। बताते हैं कि वहां पर दीपक और उसकी प्रेमिका के घर वालों के बीच कहासुनी होने लगी। इसी बीच गोली लगने से दीपक की मौत हो गई ।इस मामले में पहले प्रेमी दीपक के खुद से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात कही गई।

पुलिस ने भी छानबीन शुरू कर दी थी। जबकि दीपक के घर वाले शुरू से ही चिल्ला-चिल्ला कर उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाते रहे। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो पुलिस के भी कान खड़े हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोली दो फिट की दूरी से दीपक की पीठ में लगी।

मतलब साफ है कि उसने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई। इसके बाद बैकफुट पर लौटी पुलिस ने बुधवार की शाम को दीपक के पिता ब्रजेश की तहरीर पर प्रेमिका पूजा, उसके पिता फूलचंद्र, मां छोटी और छविराम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया और गुरुवार को चारों लोगों को भदार चौराहे के पास से गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया।

क्यो की थी पुलिस ने जल्दबाजी?

खंदेरिया गांव में हुई दीपक की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी जल्दबाजी दिखाते हुए जान से हाथ धोने वाले दीपक के खिलाफ आत्महत्या करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। वैसे तो पुलिस इस तरह के मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार करती है। तो फिर दीपक की मौत पर इतनी जल्दबाज़ी क्यो दिखाई गई ? हर कोई पुलिस से इसी सवाल का जवाब चाह रहा है।

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