जज को हनी ट्रैप करने का हुआ था प्रयास, फेसबुक से जुटाया..

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लखनऊ, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति से हनी ट्रैपिंग का प्रयास करने वाले का अबतक कुछ पता नहीं चल सका है। दरअसल जस्टिस को इंटरनेट कॉल (व्हाट्स एप कॉलिंग) की गई थी। जिसके कारण कॉलिंग नंबर का सीडीआर नहीं निकल पा रहा है। न ही अबतक कॉल करने वाली महिला की लोकेशन ट्रेस हो सकी है। अब पुलिस ने फेसबुक कंपनी (व्हाट्स एप की मदरहुड कंपनी) से कॉलर के नंबर के संबंध में ब्यौरा मांगा है।

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बीती 28 जुलाई को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीट के जज को पायल शर्मा नामक महिला ने व्हाट्स एप वीडियो कॉल की थी। पहली बार में फोन नहीं उठाया गया। दूसरी बार कॉल आने पर जैसे ही जज ने फोन उठाया, महिला ने निर्वस्त्र होना शुरू कर दिया। जज ने तत्काल कॉल काट दी। जज के निजी सचिव सह डिप्टी रजिस्ट्रार चेब्रोलू श्रीनिवास राव ने गौतमपल्ली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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गौतमपल्ली कोतवाली प्रभारी सुधीर अवस्थी ने बताया कि जस्टिस को जो कॉल की गई थी वह नेट कॉल थी, जिसके लिए इंटरनेट के माध्यम लैपटॉप या मोबाइल से कॉल की गई थी। किसी भी प्रकार के सिम से कॉल नहीं हुई थी। इसके कारण नंबर को ट्रेस करने में समस्या हो रही है। फेसबुक कंपनी को ई-मेल भेजकर कॉलर के नंबर की डिटले और लोकेशन की जानकारी मांगी गई है। फेसबुक के सर्वर से जानकारी मिलने में कुछ समय लगता है। जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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