घरौदों में सेंधमारी कर खुशियां तबाह कर रहा सट्टा कारोबार

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लखनऊ : सट्टे और जुए की लत लोगों के घरों की खुशियां तबाह कर देती है। जुएं की वजह से कुरूक्षेत्र में महाभारत का युद्ध तक हुआ। अगर आपको पता चले कि सट्टा खेलना बहुत सरल हो चुका है तो यह सुनकर लोग हैरत में पड़ जाएंगे। एक तरफ लोग इंटरनेट पर शिक्षित हो रहे हैं तो दूसरी तरफ सट्टे जैसे खेल की राह आसान बना रहे हैं। बता दें कि पहले तो जुएं और सट्टे के खेल में चंद रुपयों के लालच में अशिक्षित वर्ग के जुड़े लोग अपने घरों की छोटी-छोटी खुशियां दांव पर लगा देते है लेकिन मौजूदा समय में शिक्षित वर्ग इंटरनेट पर सट्टे का काला कारोबार बढ़ा रहे हैं। साइबर सेल की मानें तो इंटरनेट पर माफिया तंत्र सट्टे को संचालित कर लोगों की खुशियां तबाह कर रहे हैं।

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इस सम्बन्ध में एसीपी साइबर सेल दिलीप सिंह ने बताया कि इंटरनेट पर तमाम मोबाइल एप्लीकेशन ऐसी है। जिनके जरिए लोग आसानी से सट्टा लगाते हैं। इन एप्लीकेशन को गूगलप्ले स्टोर से डाउनलोड भी किया जा सकता है। इनमें सट्टा मटका ऑनलाइन एप, रायल सट्टा, कल्याण सटटा एप, सट्टा किंग जैसे दर्जनों मोबाइल एप्लीकेशन इंटरनेट पर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इन मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से हर कोई कहीं से भी ऑनलाइन सट्टा खेल सकता है। बिना किसी मेहनत के अधिक रुपया कमाने की चाहत में लोग अपने घरों की खुशियां दांव पर लगाकर खुद को परेशानी में ड़ाल देते है। हालांकि सट्टा माफिया व उनका गिरोह इंटरनेट की दुनिया में सक्रिय है।

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बता दें कि इस गिरोह का तार शहर से निकल गांव के गलियारों तक पहुंचने लगा है। लोगों को प्रलोभन देकर सट्टा माफिया इस कारोबारों को बढ़ा रहे हैं। वहीं साइबर सेल के इंस्पेक्टर रंजीत राय का कहना है कि लोगों को रुपयों का लालच देने वाले मोबाइल एप्लीकेशन या फिर ऑनलाइन गेम से बचना चाहिए। कहीं ऐसा न हो लालच के चक्कर में आपको अपनी जमा पूंजी गंवानी पड़े। इसके लिए लोगों को जागरुक होना चाहिए।

ऐसे बरतें सावधानी….

  • बच्चों को इस तरह के गेम के बारे में जानकारी न दें
  • अगर घर का कोई सदस्य इनका आदी हो गया है तो उसे फौरन रोकें
  • पेमेंट मोड यानी पेटीएम, फोन पे, गूगल पे जैसे एप को लॉक करके रखें
  • किसी भी लिंक पर क्लिक करके एप को डाउनलोड न करें

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