कोरोना को लेकर लोग हुए लापरवाह, प्रशासन दिखा मौन

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अमृत विचार, अयोध्या। कोरोना को लेकर जिम्मेदारों की बेपरवाही व ढिलाई और लोगों की लापरवाही अब फिर भारी पड़ने लगी है। एक बार फिर कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ने लगा है। नतीजा बीते एक सप्ताह से रोजाना कोरोना पॉजटिव सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन भी कोरोना को लेकर गाइडलाइन का पालन कराना भूल गया है।

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जिले में कोरोना एक बार फिर तेजी के साथ रफ्तार पकड़ने लगा है। गुरुवार तक जिले में कुल एक्टिव केस की संख्या 38 हो गई है। बीते तीन दिनों से तो रोजाना चार से आठ पाजटिव सामने आ रहे हैं, जिसके चलते कई महीनों तक बंद स्वास्थ्य विभाग का कोरोना बुलेटिन फिर शुरू हो गया है।

बाजारों से लेकर सरकारी दफ्तरों और दुकानों तक में किसी तरह के प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। यहां तक की ट्रेनों और बसों में भी लोग लापरवाह होकर घूम रहे हैं। लोगों ने मास्क लगाना तक छोड़ दिया है। नियम था कि दुकानदार बिना मास्क लगाने वालों को सामान नहीं देगे, लेकिन कोई पालन नहीं किया जा रहा है।

जांच पर भी आ रही आंच

कोरोना की दूसरी लहर तक जिले में जांच के बाद रिपोर्ट की व्यवस्था थी वह भी धराशायी हो गई। दर्शननगर स्थित मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए बनी लैब के कर्मचारियों को सेवा विस्तार नहीं दिया गया नतीजा जांच ही बंद हो गई। पांच केंद्रों पर नमूने लिए जाने की व्यवस्था तो है लेकिन अब रिपोर्ट लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया संस्थान से आती है।

यह भी तथ्य सामने आए हैं कि लोग कम संख्या में कोरोना जांच के लिए पहुंच रहे हैं। सर्दी खांसी जुकाम बुखार को हल्के में ले रहे हैं जिसके चलते केस फिर सामने आने लगे हैं। यहां तक कि बाहर से आने वाले भी जांच के लिए जाना मुनासिब नहीं समझते। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग जागरुक हो और विभाग जिम्मेदारी से काम करे तो केसेज की संख्या और बढ़ सकती है।

एडमिट करने वाले केस नहीं आ रहे, लेकिन एहतियात जरूरी: सीएमओ

सीएमओ डॉ. अजय राजा ने कहा कि सेवा विस्तार न किए जाने के कारण यहां जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। निश्चित रूप से कोरोना के केस सामने आने लगे हैं। विभाग भी इसे लेकर सतर्क है। सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। अभी फिलहाल एडमिट करने वाले केस नहीं आ रहे हैं, लेकिन फिर भी एहतियात बरतना जरूरी है।

हालांकि यह मेरी जानकारी में भी है कि निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज नहीं लग रही है। दरअसल अस्पतालों को पोर्टल पर बूस्टर डोज के लिए स्लॉट बुक करना पड़ता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं। हम उन्हें बाध्य भी नहीं कर सकते हैं, लेकिन जल्द ही उनके साथ एक बैठक की जाएगी।

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