केरल में भारी बारिश को ले रेड, आरेन्ज, येलो अलट जारी

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तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्य सचिव डॉ. वीपी जॉय ने राज्य में अगले तीन दिन भारी बारिश के अनुमान के बाद यहां के विभिन्न जिलों में रेड, आॅरेन्ज और येलो अलर्ट जारी किये जाने के मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने शनिवार शाम बुलाई गई एक आपात बैठक में कहा, “भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकाला जाना चाहिए। जरूरत पड़े तो शिविर भी शुरू किए जा सकते हैं। इन इलाकों में भोजन और पीने के पानी सहित बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।” सूत्रों ने बताया कि भूस्खलन और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष अलर्ट सिस्टम स्थापित किया गया है। राज्य में नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहे हैं।
मौसम विभाग के सूत्रों ने रविवार को बताया कि एर्नाकुलम और इडुक्की जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि यहां के कुछ पहाड़ी इलाकों में आॅरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है, जहां कुछ दिनों पहले भारी बारिश हुई थी और आगे भी गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में आॅरेंज अलर्ट जारी किये गये हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन निचले, नदी के किनारे और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका के मद्दनेजर इन्हें हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मौसम विभाग ने निचले क्षोभमंडल स्तरों पर अरब सागर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की ओर तेज पश्चिमी हवा के प्रवाह के कारण केरल और लक्षद्वीप में रविवार से अगले चार दिनों तक भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, केरल के अलग-अलग स्थानों में 15 और 16 मई को भारी वर्षा (24 घंटे में 7 सेमी से 11 सेमी) से बहुत भारी वर्षा (24 घंटे में 12 सेमी से 20 सेमी) होने की संभावना है। इसके अलावा, 17 और 18 मई को यहां के विभिन्न स्थानों में भारी बारिश (24 घंटों में 7 सेमी से 11 सेमी) के होने का अनुमान है और 14 मई को लक्षद्वीप द्वीप समूह में बारिश होने की संभावना है।
विभाग ने बताया कि 15 और 16 मई को केरल के अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और साथ ही बिजली चमकने के साथ आंधी आने की भी अनुमान है। यहां के कई अन्य स्थानों पर 17 और 18 मई को गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। लक्षद्वीप में यह सिलसिला 15 से 18 मई तक चलेगा।
सूत्रों ने बताया, ”जिन इलाकों में खतरे की संभावनाएं सबसे अधिक है, वहां विशेष अलर्ट सिस्टम शुरू किया गया है। राज्य में इन इलाकों के लिए कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे चालू रहेंगे।” इस दौरान, मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। दिशानिर्देशों के मुताबिक, भारी बारिश होने की स्थिति में जगह बदलने के समय संबंधित अधिकारियों से संपर्क और सहयोग करना आवश्यक है।
बारिश होने के समय में समंदर के पानी के स्तर में भी वृद्धि होगी, ऐसे में तटीय क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को अधिक सचेत रहने को कहा गया है।
ऐसे में जो कच्चे मकान या कमजोर मकानों में रहकर गुजर-बसर करते हैं, उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर जाकर आश्रय लेने की सलाह दी गई है।
इस दौरान, निजी और सार्वजनिक स्थानों पर लुप्तप्राय पेड़ों और जानवरों की प्रजातियों को भी सुरक्षा मुहैया कराए जाने पर भी विशेष बल दिया गया है।
लोगों को अपने पास आपातकालीन किट तैयार कर रखने का भी निर्देश दिया गया है।

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