काले गेंहू की खेती कर करोड़ों कमा रहा एमपी का किसान, दुनिया भर से मिलते हैं आर्डर

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Black Wheat Farming: मध्य प्रदेश का एक किसान सिर्फ अपनी गेंहू की फसल बेचकर आज करोड़ों का असामी बन गया है. शरुआत में सिर्फ एक्सपेरिमेंट के रूप में उस किसान ने अपने खेत के छोटे से रकवे में काले गेंहू यानी Black Wheat के बीज बोए थे और और आज उसी काले गेहूं ने उनकी जिंदगी में उँजियारा भर दिया है. 

काले गेंहूं की खेती: एमपी के धार जिले में रहने वाले किसान विनोद चौहान अपने खेतों में अब सिर्फ काला गेंहू उगाने का काम करते हैं. उनके पास देश-विदेश से इसके लिए आर्डर आते हैं. विनोद ने काले गेंहू की खेती की शरुआत सिर्फ बहुत कम जमीन और थोड़े से काले गेहूं के बीज के साथ की थी और आज किसान 20 बीघा जमीन में 5 क्विंटल काले गेहूं के बीज रोपने का काम करते हैं. जिससे उन्हें सालाना 200 क्विंटल काला गेंहूं मिलता है. 

काले गेहूं और सामान्य गेंहूं में क्या अंतर होता है 

What is the difference between black wheat and normal wheat: पंजाब के रिसर्च सेंटर नेशनल एग्री फूड बायो टेक्नॉलजी मोहाली के कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोनिका गर्ग हैं का कहना है कि काले गेहूं में एंथोसाइनिन (Anthocyanin) की मात्रा आम पीले गेहूं की तुलना में 149 पास प्रति मिलियन तक अधिक पाई जाती है. काले गेहूं में जिंक की मात्रा अधिक और स्टार्च कम होता है. इसमें शुगर नहीं होता। इस गेहूं से बनी रोटी को शुगर के पेशेंट बिना किसी टेंशन के खा सकते हैं. साथ ही काले गेहूं से बनी रोटी को खाने से इंसान का पाचन तंत्र मजबूत होता है 

काले गेहूं की खेती कैसे शुरू करें 

How To Start Black Wheat Farming: धार में काले गेंहू को उगाने वाले विनोद चौहान ने एक बार यूट्यूब में काले गेहूं की खेती के बारे में जाना था, इसके बाद विनोद ने एक्सपेरिमेंट के रूप में अपने खेत के छोटे से हिस्से में इसे थोड़ा सा उगाया था. विनोद ने 200 रुपए किलो के हिसाब से काले गेंहू का बीज खरीदा था. और आज विनोद अपने खेत में सालाना 5 क्विंटल काले गेहूं के बीज बोते हैं और 200 क्विंटल फसल उन्हें मिलती है. जिसे वो पूरे देश में सप्लाई करते हैं. 

काला गेहूं खाने के फायदे 

Black Wheat Benefits: काले गेहूं में एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है. इससे कैंसर के रोगी को फायदा होता है. यहां तक कि ये कैंसर रोकने में भी लाभकारी है. इसमें फैट की मात्रा भी कम होती है, जिससे मोटापा भी नहीं बढ़ता है यह आम गेहूं की तुलना में कई गुना लाभकारी होता है और मार्केट में भी इसकी अच्छी डिमांड है.