कश्मीर में मिले नीलम के भंडार, सरकार ने की खुदाई शुरू अब ग्लोबल मार्केट में होगी इसकी नीलामी

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कश्मीर में मिले नीलम के भंडार, सरकार ने की खुदाई शुरू अब ग्लोबल मार्केट में होगी इसकी नीलामी

जम्मू-कश्मीर सरकार पहली बार किश्तवाड़ पद्दर की खद्दानो से निकाले गए बेशकीमती कश्मीरी नीलम को ग्लोबल मार्केट में नीलाम करने जा रही है। बता दे की ऑक्शन में वे नीलम रखे जाएंगे, जिसे बीते कुछ सालों में पद्दर की खद्दानो से निकाला गया है। सरकार को इस ऑक्शन से अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। इसका आयोजन मेटल एंड मिनरल्स ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (MMTC ) करेगी।

अधिकारियों ने बताया कि ‘फिलहाल स्टॉक में मौजूद नीलम का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद ही ग्लोबल ई-ऑक्शन प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें कई देशों के खरीदारों के जुटने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरे क्षेत्र में नीलम के नए भंडार खोजने के लिए सर्वे कर रही है।’

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बीते साल किश्तवाड़ जिले में नीलम के भंडार का पता लगाने के लिए सर्वे किया था। उनका अनुमान है कि 116 किमी के दायरे में 2,700 करोड़ रुपए का नीलम भंडार मौजूद है। वहीं, स्वतंत्र विशेषज्ञों का मानना है कि यह 5 हजार करोड़ से अधिक हो सकता है।

बता दे की JKML  के पास 6 वर्ग किमी के एक छोटे से क्षेत्र में खदान का पट्टा है। अधिकारियों के अनुसार, हर साल जून के आसपास खनन शुरू होता है और पुलिस की मदद से खनन दल लगभग 2-7 किलो कच्चा नीलम निकालती है। खुदाई दल को किश्तवाड़ से पद्दर पहाड़ियों तक पहुंचने में 2 दिन लगते हैं। रास्ते में ग्लेशियर भी पड़ते हैं, क्योंकि यह इलाका 9 महीने तक बर्फ से ढंका रहता है।

नीलम के अवैध खनन की आती रहती है खबरे

गौरतलब है की नीलम के अवैध खनन की खबरें लगातार आती रही हैं, 2014 में एक अमेरिकी टीवी शो ने किश्तवाड़ पद्दर की खद्दानो से निकाले गए नीलम के अवैध खनन का खुलासा किया था। साथ ही, बताया था कि कैसे उन्होंने ब्लैक मार्केट से एक करोड़ रुपए में कश्मीरी नीलम खरीदा?

बीते कई सालों में पुलिस ने भी कश्मीरी नीलम के अवैध व्यापार में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन विशाल दुर्गम इलाके के कारण पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रखना मुश्किल हो जाता है।

क्या है इस नीलम की ख़ासियत

किश्तवाड़ जिले की पड्डेर घाटी का नीलम दुनिया भर में अपने अनोखे मयूरी नीले रंग के लिए मशहूर है। वर्ष 1881 में पद्दर क्षेत्र में पहाड़ी खिसकने के बाद संयोग से इसकी खोज हुई थी। इस क्षेत्र का नीलम दुनिया भर के सबसे महंगे नीलमो में से एक है। बता दे की इस नीलम का रंग हर प्रकार रोशनी में टिका रहता है जबकि अन्य नीलम कुछ निश्चित प्रकाश में ही चमकते हैं। 2020 में जिनेवा स्थित क्रिस्टीज ऑक्शन हाउस ने 35 कैरेट का कश्मीरी नीलम 57 करोड़ रुपए में बेचा था।