Monday, August 8, 2022
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उद्धव ठाकरे की मुश्किलों के बीच पुष्पा स्टाइल में दिखीं सांसद नवनीत राणा, झुकेगा नहीं…




उद्धव ठाकरे की मुश्किलों के बीच पुष्पा स्टाइल में दिखीं सांसद नवनीत राणा, झुकेगा नहीं…

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर छाए संकट के बादलों के बीच अमरावती की सांसद नवनीत राणा दिल्ली में शुक्रवार को ‘पुष्पा’ स्टाइल में नजर आई हैं। एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के नामांकन के मौके पर पहुंचीं नवनीत राणा मीडिया के कैमरों के सामने पुष्पा स्टाइल में दिखीं। उनकी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई, लेकिन उनकी इस अदा को शिवसेना में जारी अंतर्कलह और उद्धव सरकार पर आए संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।

बता दे की उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान करने के चलते वह विवादों में आ गई थीं। उन्हें अपने विधायक पति रवि राणा के साथ जेल तक जाना पड़ गया था।

उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे की ओर से बगावत किए जाने के बाद भी नवनीत राणा की टिप्पणी आई थी। उनका कहना था कि मैंने महाराष्ट्र से संकट को टालने के लिए 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया है। नवनीत राणा ने महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट पर मीडिया से बात करते हुए कहा था, ”मैंने 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया है ताकि महाराष्ट्र को संकट से बचाया जा सके। मुझे तो संकटमोचक से ही उम्मीद है कि वह राज्य को इस संकट से बचाएंगे।” यही नहीं उन्होंने एक बार फिर से उद्धव ठाकरे पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार तो अपने ही कर्मों से गिर जाएगी।

मनसे ने पोस्टर लगा पूछा, अब कैसा महसूस हो रहा है?

शिवसेना में मची कलह के बीच राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी तंज कसने वाले पोस्टर लगाए हैं। उनके द्वारा मराठी में लिखे गए पोस्टर में लिखा है, ‘अब आपको कैसा महसूस हो रहा है?’ इस पोस्टर में आक्रामक अंदाज में राज ठाकरे की तस्वीर नजर आ रही है।

बता दें कि राज ठाकरे ने अपने चाचा बालासाहेब ठाकरे से मतभेदों के चलते 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी। उनकी उद्धव ठाकरे से लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है। ऐसे में इस पोस्टर को शिवसेना पर ही तंज के तौर पर देखा जा रहा है। इतना ही नहीं  एकनाथ शिंदे करीब 40 विधायकों के साथ गुवाहाटी में बैठे हैं और उनका कहना है कि वे ही असली शिवसेना हैं। शिवसेना के 56 सालों के इतिहास में यह चौथा मौका है, जब पार्टी को इस तरह से टूट का सामना करना पड़ा है।


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