ईडी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने के खिलाफ याचिकाओं पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस



नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्र का कार्यकाल बढ़ाने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।
मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी करने के साथ ही कहा कि वह उन याचिकाओं पर 10 दिन बाद सुनवाई करेगी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस नेताओं – जया ठाकुर, रणदीप सिंह सुरजेवाला, साकेत गोखले, महुआ मोइत्रा और वकील एम. एल. शर्मा के अलावा कृष्ण चंद्र सिंह एवं विनीत नारायण ने ईडी निदेशक के कार्यकाल विस्तार को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने श्री मिश्रा का कार्यकाल एक और वर्ष बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 17 नवंबर, 2021 को जारी आदेश को चुनौती दी है।
याचिका में केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) अधिनियम 2021 की वैधता को भी चुनौती दी गई है, जिसने निदेशालय के प्रवर्तन निदेशक के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाने की अनुमति दी। कांग्रेस नेता श्री सुरजेवाला का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने प्रस्तुत किया कि संशोधन ने केंद्र सरकार को ईडी निदेशक को पांच साल तक का वार्षिक विस्तार देने की अनुमति को अनुचित करार दिया।
उन्होंने कॉमन कॉज बनाम यूनियन आॅफ इंडिया के फैसले का हवाला दिया, जिसके द्वारा शीर्ष अदालत ने 2021 में निर्देश दिया था कि श्री मिश्र को और विस्तार नहीं दिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने कहा कि श्री मिश्र को दिया गया सेवा विस्तार शीर्ष अदालत के निर्देशों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने ईडी निदेशक के रूप में चार साल पूरे कर लिए हैं। एक अन्य वकील ने तर्क दिया कि ईडी निदेशक श्री मिश्र 2017-2020 से अपनी अचल संपत्ति रिटर्न अपलोड करने में विफल रहे। वकील ने कहा कि सतर्कता नियम और आधिकारिक ज्ञापन में कहा गया है कि यदि रिटर्न अपलोड नहीं किया जाता है तो पद को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

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