आखिर क्यों फ्लॉप साबित हुई रणबीर कपूर की मेगा बजट फिल्म ‘शमशेरा’, जानें क्यों नहीं मिल रहे है फिल्म को दर्शक

बॉलीवुड इंडस्ट्री के सुपरस्टार रणबीर कपूर की मेगा बजट वाली फिल्म शमशेरा (Shamshera) को रिलीज के साथ फ्लॉप का टैग मिल गया।  इस फिल्म का फैंस काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, लेकिन रिलीज होने के बाद फिल्म फैंस की उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतर पाई। वहीं, बात कमाई की करें तो पहले दिन फिल्म ने महज 10 करोड़ रुपए ही कमाए।

बता दे की इस फिल्म से सिर्फ यशराज फिल्म्स को ही नहीं बल्कि रणबीर कपूर को भी बहुत ज्यादा उम्मीदें थी। फिल्म में रणबीर के साथ संजय दत्त और वाणी कपूर भी लीड रोल में है। मालूम हो की यशराज फिल्म्स की यह लगातार चौथी फ्लॉप साबित हुई। इससे पहले ‘बंटी और बबली’, ‘जयेशभाई जोरदार’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’ बॉक्सऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। चलिए आपको बताते है की आखिर वो कौन सी कमियां थी जिसकी वजह से शमशेरा फ्लॉप साबित हुई…

रिलीज से पहले ही हुई थी बायकॉट की मांग

‘शमशेरा’ को रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर बायकॉट करने की मांग की जा रही थी और कहा जा रहा था कि इसमें हिंदू धर्म का अपमान किया है। वही, करण मल्होत्रा की फिल्म शमशेरा की फ्लॉप होने वजह खराब स्क्रिप्ट भी माना जा रहा है। क्रिटिक्स का कहना है कि फिल्म की कहानी दमदार नहीं थी, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खिंचकर ला सके। इतना ही नहीं फिल्म के स्क्रीनप्ले भी काफी कमजोर है।

बता दे की रणबीर कपूर ने इस फिल्म में अपनी अदाकारी दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन दर्शक फिल्म से खुद को कनेक्ट ही नहीं पाए। वहीं, फिल्म में संजय दत्त ने अंग्रेजों के दरोगा का किरदार निभाया। ज्यादातर लोगों को उनका रोल पसंद नहीं आया क्योंकि ऐसा रोल वो पहले ही ‘केजीएफ 2’ में कर चुके थे। वहीं, उनके लुक को भी क्रिटिसाइज किया जा रहा है।

स्टारकास्ट की भी थी कमी

फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी स्टारकास्ट भी मानी जा रही है। फिल्म में जरूरत से ज्यादा गाने हैं, जो दर्शकों को बोर कर रहे है। दूसरी ओर इसमें एक्शन सीन्स को बार-बार दोहराया गया है। इतना ही नहीं फिल्म की कहानी में घिसा-पिटा फॉर्मूला यूज किया गया, भले ही लंबे समय बाद डकैत पर आधारित फिल्म रिलीज हुई, लेकिन दर्शकों को इसका कॉन्सेप्ट पसंद नहीं आया।

दर्शको का कहना है की फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है, लेकिन वीएफएक्स का यूज सही तरीके से नहीं किया गया, जिसकी कमी स्क्रीन पर साफ नजर आती है। हालांकि, लद्दाख की लोकेशन को  बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है।