असम के कामाख्या मंदिर में सार्वजनिक पूजा शुरू

गुवाहाटी। नीलाचल पहाड़ियों के शीर्ष पर स्थित कामाख्या मंदिर के कपाट रविवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। 51 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर अंबुबाची उत्सव की समाप्ति पर चार दिन के अंतराल के बाद खुला है। माना जाता है कि इस अंतराल के दौरान देवी सालाना मासिक धर्म से गुजरती हैं। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में इस अवधि के दौरान आयोजित चार दिवसीय मेले का भी समापन हो गया है। दो साल के अंतराल के बाद भक्तों को मेले में भाग लेने की अनुमति दी गई।

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राज्यपाल जगदीश मुखी और उनकी पत्नी सुबह सबसे पहले देवी की पूजा करने वालों में शामिल थे। राज्यपाल ने ट्वीट किया, मैंने प्रथम महिला के साथ पवित्र अंबुबाची मेला के समापन पर मां कामाख्या की पूजा-अर्चना की। मैंने राज्य के लोगों की संतुष्टि और कल्याण के लिए प्रार्थना की। मां की दैवीय कृपा हर किसी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशी लेकर आए।

देशभर से भक्त और हिंदू भिक्षु, जो इस अवधि के दौरान मंदिर में आते हैं, देवी की पूजा करने के लिए लंबी कतारों में प्रतीक्षा करते दिखे। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल वीआईपी पास का प्रावधान बंद कर दिया गया है ताकि सभी श्रद्धालु मंदिर में जा सकें। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के मुताबिक त्योहार के दौरान लगभग 25 लाख लोग आते हैं।

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