HomeRegionalअपने ही हाथों से अपना मकान तोड़ रहे हैं ग्रामीण, जानें वजह

अपने ही हाथों से अपना मकान तोड़ रहे हैं ग्रामीण, जानें वजह

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मोतीपुर/बहराइच। खैरीगौडी गांव में नदी ने कटान तेज कर दी है। कटान से बचने के लिए ग्रामीण गाढ़ी कमाई से बनाए गए अपने ही मकान पर हथौड़ा चला रहे हैं। मंगलवार को नदी ने कटान करते हुए 12 ग्रामीणों की जमीन को आगोश में ले लिया है। इसकी जानकारी तहसील को दी गई है। लेकिन अभी तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है।

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मोतीपुर तहसील के ग्राम पंचायत मझरा के मजरा खैरीगौड़ी घाघरा नदी के निकट बसा हुआ है। प्रति वर्ष नदी की कटान के चलते नदी गांव में पहुंच गई है। कटान से सामान बचाने के लिए गांव के लोग अपने ही पक्के मकान पर हथौड़ी चला रहे हैं। सभी मकान से निकलने वाले ईंट और सरिया को ही संरक्षित करने में लग गए हैं। मंगलवार को गांव के लोग पक्के मकान तोड़ते दिखे।

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नदी की कटान में गांव निवासी आशाराम, खेलावन, संजय, राम लखन, काशीराम, राम मिलन, कलावती, गुड्डू, राजकुमार, हीरा, पंचा प्रसाद और राजू की जमीन नदी की कटान की भेंट चढ़ गई। सभी ग्रामीणों की 80 बीघा से अधिक खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि खेत में धान की फसल लगाए थे।

लेकिन नदी ने सब काट दिया। नदी द्वारा कटान किए जाने की सूचना तहसील को दी गई, लेकिन कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस मामले में तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि राजस्व कर्मियों को भेजा जा रहा है। ग्रामीण अलर्ट रहें।

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