अग्निपथ आंदोलन में फंसे कर्नाटक के लोगों की होगी सुरक्षित घरवापसी

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वाराणसी। सेना में भर्ती के लिये शुरु की गयी केन्द्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में हुए उपद्रव के दौरान वाराणसी में कर्नाटक के 40 लोगों का समूह फंस गया था। इन लोगों को केन्द्र सरकार एवं जिला प्रशासन की संजीदा कोशिश से सुरक्षित घर भिजवाने की व्यवस्था कर दी गयी है।

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वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अग्निपथ योजना के विरोध में हुए उपद्रव के दौरान वाराणसी में फंसे दक्षिण भारतीय लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिये 20 जून को विशेष ट्रेन रात आठ बजे रवाना होगी। शर्मा ने बताया कि 17 जून को हुए उपद्रव के दौरान कर्नाटक के जिला मांड्या के 40 लोग वाराणसी में फंसे हुये थे।

इन सभी लोगों को 17 जून को पं दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन से संघमित्रा एक्सप्रेस द्वारा कर्नाटक स्थित अपने-अपने जनपद को जाना था, परन्तु उपद्रव के कारण उक्त ट्रेन निरस्त हो जाने के कारण ये लोग वाराणसी एवं चंदौली में फंसे रह गये। इस सम्बन्ध में कर्नाटक सरकार के राहत आयुक्त एवं मंड्या के जिलाधिकारी ने शर्मा को ई-मेल द्वारा इन फंसे हुए दक्षिण भारतीयों को इनके अपने घरों तक पहुंचाने का अनुरोध किया। इस बीच केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी के कार्यालय से भी सूचना प्राप्त हुई कि बहुत से दक्षिण भारतीय श्रद्धालु वाराणसी में ट्रेन निरस्त होने से फंस गए हैं।

जिलाधिकारी शर्मा ने तत्काल इन सभी दक्षिण भारतीयों को उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था हेतु कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। इसके लिये रेल महकमे से समन्वय कर 20 जून को रात आठ बजे विशेष ट्रेन से इन लोगों को गंतव्य तक रवाना किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी में मौजूद दक्षिण भारतीय यात्रियों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी में फंसे सभी दक्षिण भारतीय यात्रियों के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अन्न क्षेत्र ने भोजन की निशुल्क व्यवस्था करने की जिम्मेदारी ली है। मंडलायुक्त वाराणसी के द्वारा दिये गए निर्देश के अनुसार निरस्त ट्रेनों के यात्री अन्नक्षेत्र में जा कर निशुल्क भोजन कर सकते हैं।

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