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नई दिल्ली। केंद्र सरकार जल्द ही सोशल मीडिया पर छाने वाली है। केंद्र सरकार ने तय किया है की बजट के लिए आम जनता से सुझाव मांगेगी। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ट्विटर, फेसबुक और वेबसाइट के जरिये जनता की राय लेगी। जनता से ली गई जानकारी एक महत्वपूर्ण जानकारी होगी। जो नतीजतन केंद्र सरकार को कहा कितना किस योजना में इन्वेस्ट करना है, का अनुमान हो जायेगा। केंद्र सरकार का कहना है की सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिये जिस योजना के लिए ज्यादा प्रतिक्रियाएं आयेंगी उसपर ज्यादा फण्ड तय किया जायेगा।
एक सवाल में जवाब के तौर पर चार विकल्प होंगे
केवल सामाजिक क्षेत्र की नीतियों पर ही लोगों का मत जाना जाएगा। हर सवाल में चार विकल्प दिए जाएंगे। अपना मत देने के लिए इनमें से एक पर क्लिक करना होगा। लोगों की राय के आधार पर योजनाओं के लिए फंड तय किया जाएगा। इस बीच वित्त मंत्रालय ने इस बाबत काम करना शुरू कर दिया है। इस कवायद में वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को ट्वीट कर सवाल भी पूछे। ट्विटर पर चार सामाजिक योजनाओं के विकल्प दिए गए और पूछा गया कि किस योजना को आगामी बजट में ज्यादा महत्व दिए जाने की जरूरत है। सबके लिए घर, मुद्रा योजना, स्टैंडअप इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के चार विकल्प दिए गए थे।
तीन दिन का समय मिलेगा
सरकार ने जनता की राय लेने में डिजिटल प्लेटफार्म का प्रयोग पिछले साल से शुरू किया था। लेकिन विकल्प के जरिए योजना पर राय लेना इस साल शुरू किया गया है। बता दें कि योजना पर राय देने के लिए तीन दिन का वक्त दिया जाएगा। मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और विशेषज्ञों के बीच हुई बैठक में यह निष्कर्ष निकला गया है कि जनता से लंबी चौड़ी राय लेने की बजाय सिर्फ एक क्लिक में मत लिया जाए।
विदेशों में बसे लोग भी लेंगे हिस्सा
सरकार का कहना है कि इससे न सिर्फ देशवासी बल्कि विदेशों में सालों से बसे भारतीय भी अपने देश के लिए राय दे पाएंगे। खैर, सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग शहरी ही नहीं, ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी तादाद में लोग करते हैं। खासतौर पर फेसबुक और ट्विटर के जरिये देश के हरेक कोने से राय आती है। ऐसे में लोगों को ज्यादा प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि सरकार इस साल एक फरवरी को बजट पेश करेगी। इसमें रेलवे का बजट भी शामिल होगा। इससे पहले रेलवे और आम बजट को अलग-अलग पेश किया जाता था। आमतौर पर रेल बजट 26 फरवरी और आम बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था।